प्रदेश में इससे पहले पंचायत चुनाव के कारण यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को टाला गया था। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन पहले 24 अप्रैल से होना था। परीक्षाओं का कार्यक्रम भी तय हो गया था। इसके बाद पंचायत के चुनाव के कारण इसको आठ मई तक टाला गया। आठ मई से होने वाली सभी परीक्षा का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया था। अब कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इसको टाला गया है। यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के यूपी बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटर की परीक्षा को स्थगित करने की घोषणा के बाद ही मुख्यमंत्री ने कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल व कॉलेज को लेकर भी आदेश जारी कर दिया है। प्रदेश में अब कक्षा एक से लेकर 12 तक के सभी स्कूल व कॉलेज 15 मई तक बंद रहेंगे। प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा आदेश है। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण कराया है। कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा टलने का एक बड़ा कारण माध्यमिक शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों का भी कोरोना संक्रमित होना माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा अराधना शुक्ला के साथ ही उत्तर प्रदेश बोर्ड के शीर्ष 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में लगे 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित होने के कारण निर्णय अधर में था। अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला के अलावा तीन विशेष सचिव, निदेशक व पांच उप निदेशक स्तर के अधिकारी कोरोना की चपेट में हैं। डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि इन सभी अधिकारियों के स्वस्थ होते ही बैठक होगी, जिसमें यूपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं के बारे में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मेरठ में मेडिकल और सेमेस्टर की परीक्षा भी स्थगित:- कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने अब सेमेस्टर और मेडिकल की परीक्षा भी स्थगित कर दी है। अगले आदेश तक अब कोई भी परीक्षा नहीं होगी। इससे पहले वार्षिक मुख्य परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। विश्वविद्यालय ने गुरुवार को यह निर्णय लिया। ये परीक्षाएं 16 अप्रैल से होने वाली थीं। इनमें एमबीबीएस, बीबीए, बीडीएस जैसे कोर्स के छात्र हैं। अब दोबारा से स्थिति की समीक्षा करने के बाद परीक्षा का नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
